DARK MANAMANAV FIRST PART- 1
SECOND PART HAI - सर्वनाश WOH BHI UPLOADED HAI
महामानव मानव की चरम सीमा का आखिरी पड़ाव ! जिसकी मानसिक का एक भीषण वॉर किसी भी छोटे ग्रह को एक पल में समाप्त कर सकता है !
पर इस ब्रम्हांड में कुछ ऐसी शक्तियां भी है जो उसको टक्कर देने की छमता रखती है और उसी में से एक है हरू शक्ति ! हरू अपने आप को मानव देव और दानवों तीनो से बेहतर समझते है !
और फिर कुछ ऐसा हुआ की हरु शक्ति और महामानव आपस में टकरा गए और यह युद्ध कई सालो तक चलता रहा ! पर हरवूयो की तादात बहुत ज़्यादा थी !
और उनकी में हर एक के शक्ति महामानव के बराबर की थी और आखिर जीत हरु शक्ति के हुयी उन्होंने महामानव को एक लम्बी शीत निद्रा मेँ सुला दिया और एक अपनी हरु शक्ति से महामानव को इस ब्रम्हांड से बहार एक ऐसे ब्रम्हांड में फेंक दिया जो पहले कभी भी अस्तित्व में नहीं आया था एक पूरा ऐसा ब्रम्हांड जिसके बारे में आज तक कुछ नहीं पता चला था !
महामानव उसी अनजान ब्रम्हांड के एक छोटे से गृह पर गिरा था पर गिरने से पहले उसने अपने आप को एक मानसिक खोल में कैद कर लिया था !
वह गृह बहुत ही अजीब था वहां गजब की रौशनी थी क्योकि वह चारो तरफ से ४ सूरज जैसे तारो से घिरा हुआ था और वहां का तापमान भी १०० ० डिग्री सेल्सियस था इतने तापमान पर किसी भी जीवन का संभव होना लगभग इम्पॉसिबल है!
पर महामानव के मानसिक खोल ने उसे इस उच्च तापमान से बचाया हुआ था !
और आखिर वो दिन आ ही गया जब महामानव को होश आ गया !
महामानव ( आह्हः यह मैं कहाँ हूँ मुझे जहाँ तक याद है मैं हरु जीवो से टकरा रहा था और फिर उन्होंने मुझे अपनी सम्मिलित शक्ति से इस दुर्गम ग्रह पर
फेंक दिया )
महामानव ने अपनी मानसिक शक्तियों से कुछ जानकारी हासिल की !
महामानव ( यह क्या यह तो कोई अलग ही ब्रम्हांड है और यहाँ यह ब्रम्हांड हमारे ब्रम्हांड से बहुत छोटा है यहां सिर्फ़ १९ ग्रह है और मैं उनी १९ में से एक
गृह पर हूँ )
और फिर कुछ दिन बाद उस गृह का मौसम अचानक बदल गया वह एक दम ठंडा हो गया !
महामानव अब अपने मानसिक खोल से बहार निकल गया और फिर !
महामानव "haaa ऐसी मानसिक शक्ति तो मैंने पहले कभी महसूस नहीं की "
महामानव "अब अपनी हार का बदला पूरा करुगा मैं पहले हरुवो को ख़तम करके फिर इस ब्रम्हांड को अपना गुलाम बना कर अब मैं महामानव नहीं मैं हूँ
डार्क महामानव "
डार्क महामानव पार्ट-२
पर अभी भी बड़ा सवाल यह था की महामानव इस ब्रम्हांड में आया कैसे जिसमे शरीफ १९ ग्रह थे जिसमे में ४ वह नस्ट कर चूका था !
महामानव वह द्वार ढूंढने लगा जिससे हरुवो ने उसे इस ब्रम्हांड के इस अनजाने ग्रह पर फैंका था !
महामानव "haaa आखिर मुझे वह द्वार मिल गया जिससे में यहां आया था वो तो यह एक वर्महोल पर यह क्या इस वर्महोल थोड़ा अलग है इसका पता तो में
लगा ही लूंगा पर उससे पहले मुझे हरु प्राणियों को उनके किये का ऐसा दंड देना है की उसके बाद कोई हरु प्राणी महामानव से टक्कर लेने के सोच भी ना सके !
महामानव का कोर्ध चरम सीमा पर था !
और कुछ कोशिशों के बाद वह उस वर्महोल से हमारे ब्रम्हांड ( Milky Way ) में आ गया !
और आते ही उसने हरु ग्रह पर हमला कर दिया हमला बहुत घातक था पर हरु प्राणी भी कम नहीं थे युद्ध फिर से लम्बा खींचने लगा !
महामानव ( अपनी चरम मानसिक ताकत के होते हुए भी में इन् हरु प्राणियों से पार नहीं पा रहा )
उसी बीच महामानव के दिमाग से एक आवाज़ आयी और महामानव ने उसी आवाज़ का अनुसरण किया और कुछ ही देर में वहाँ हज़ारो महामानव
प्रकट हो गए और अब हर एक हरु मानव से एक महामानव लड़ रहा था !
और असली महमानव चुपचाप खड़ा होकर तमाशा देख रहा था !
हरु प्राणी समाप्त नहीं हो सकते थे पर महामानव के उन् अनगिनत रूपों ने उनको उलझा कर रख दिया !
महामानव "haaa अब यह हरु मानव मेरे इन् रूपों से उलझे रहेंगे और इनकी शक्तियां दिन पर दिन कमज़ोर होती रहेंगी और फिर इस ब्रम्हांड की महाशक्ति सिर्फ महामानव होगा !
महामानव ( याद आया मुझे पहले भी एक तुच्छ मानव ने मात दी है जो पृत्वी वासी ध्रुव है )
महामानव पर अब मुझे अपना असली मकसद पूरा करना है और वह है इस ब्रम्हांड का पूर्ण निर्माण !
महामानव का यह रूप सचमुच विनाशकारी था और उसका कहर जल्दी ही कही टूटने वाला था !
राजनगर राजन मेहरा के घर की हर सुबह ध्रुव और श्वेता की नोक झोंक से स्टार्ट होती है !
ध्रुव "अरे बन्दरिया क्या तुम्हने आज का न्यूज़ पेपर देखा "
श्वेता "नहीं देखा और अगर देखा भी होगा तो तुम्हारे लिए तो काला अक्षर भैंस के बराबर है न्यूज़ पेपर की जगह टीवी देख लो शायद कुछ समझ आ जाये "
राजनगर राजन मेहरा के घर की हर सुबह ध्रुव और श्वेता की नोक झोंक से स्टार्ट होती है !
ध्रुव "अरे बन्दरिया क्या तुम्हने आज का न्यूज़ पेपर देखा "
श्वेता "नहीं देखा और अगर देखा भी होगा तो तुम्हारे लिए तो काला अक्षर भैंस के बराबर है न्यूज़ पेपर की जगह टीवी देख लो शायद कुछ समझ आ जाये "
ध्रुव "जैसे तेरी जबान चलती है वैसे काम भी कर लिया कर। .. "
और इससे पहले ध्रुव कुछ और बोल पाता उसने एक चमकती हुयी रौशनी देखी और अगले पल !
जल्दी से घर खाली करो और ध्रुव जैसे ही घर से बाहर निकला एक छोटा सॉ उल्का पिण्ड उसके घर पर गिरा और उसके घर के साथ साथ आस पास के कुछ
और बगले भी खडंहर में बदल गए !
सब तरफ सिर्फ धुआँ ही धुआँ था !
ध्रुव "श्वेता तू और माँ ठीक तो है ना उफ़। "
ध्रुव ( यह कोई हमला है क्योकि इसका निशाना सीधा मेरा घर था और अगर कोई उल्का पिण्ड गिरने वाला होता तो उसकी कोई ना कोई सुचना को कहीँ ना कहीँ ज़रूर आती पर ऐसा हमला कौन कर सकता है )
और अगले एक घंटे में ध्रुव को इसका जवाब मिल गया हर न्यूज़ चॅनेल पर सिर्फ एक ही न्यूज़ आ रही थी !
और चेहरा था महामानव का
महामानव "सुनो कीड़ों अभी मैंने सिर्फ अपनी शक्ति एक बहुत छोटा सॉ नमूना पेश किया है और मुझे तुम्हारी ज़िन्दगियों से कोई लगाव नहीं है पर फिर भी मैं तुम्हे
एक मौका देना चाहता हूँ अगर तुम मेरी ग़ुलामी स्वीकार करते हो तो शायद में तुम्हें जीवन दान दे दूँ सो तुम्हारे पास ४८ घंटे है अगर इसके अंदर तुम्हने अपना फैसला नहीं बताया तो मेरे कहर से तुम्हे कोई नहीं बचा सकता "
ध्रुव "महामानव और यह ऐसी धमकी क्यों दे रहा है इसका यह बदला हुआ सरूप किसी बहुत ही बड़े खतरे की और संकेत दे रहा है "
तभी ध्रुव के मोबाइल पर नागराज फ़ोन आया और फिर
नागराज "ध्रुव भारती ऑफिस की बिल्डिंग पर एक उल्का पिण्ड गिरा और बड़ी मुश्किल से मैं सब लोगो की जान बचा पाया और बहुत से लोग फिर भी घायल हो गए "
ध्रुव "ऐसा मेरे साथ भी हुआ और मुझे पता चला है की सभी ब्रम्हांड रक्षको के ठिकानो पर ऐसे उल्का पिण्ड गिरे है और अब महामानव की यह धमकी ! लगता है कुछ बहुत बुरा होने वाला है क्योकि इस पुरे ब्रम्हांड में उस से ज़्यादा खतरनाक कोई नहीं है "
नागराज " इसलिए ही मैंने ब्रम्हांड रक्षको की एक इमरजेंसी मीटिंग बुलायी है हुम्हे उसे रोकना होगा किसी भी हालत में "
पर महामानव का इरादा कुछ और ही था उसने अपनी मानसिक शक्ति से नागद्वीप को ढूंढ निकाला था और उसका कहर अपना कहर बरसाना स्टार्ट कर
कर दिया था जिसका पता कालदूत को चल गया और फिर
कालदूत " कौन है तू और तेरी इतनी हिम्मत की हमारे होते हुए तो नागद्वीप पर आँख उठा कर भी देख सके "
महामानव "ओह्ह्ह तो तू इनका सरगना है तीन मुँह वाले कीड़े पहले तुझे ही मसलता हूँ "
और अब कालदूत और महामानव २ महाशाक्तियों एक दूसरे के सामने थी और होने वाला था एक महातकराव !
कालदूत vs महामानव
आज वो दिन आ ही गया जब इस ब्रम्हांड की २ महाशक्तियाँ आमने सामने थी !
कालदूत ने पहला वॉर किया उनके त्रिशूल से पहाड़ को चकनाचूर कर देने वाली एक किरण निकली ! पर महामानव एक पहाड़ नहीं था उसने उस किरण का
रुख आसमान की तरफ मोड़ दिया और आकाश में कुछ दिन के लिए मानो एक दूसरा सूरज निकल आया !
कालदूत "तेरी मानसिक शक्तियां कमाल की है पर तू हमारा सामना ज़्यादा देर तक नहीं कर सकता बौने "
महामानव "तेरी यह हिम्मत तीन मुँह वाली छिपकली तुझे मसले बिना में यहां से नहीं जाने वाला "
कालदूत और महामानव का जबानी युद्ध भी बहुत प्रलंकारी था उसकी भाषा का स्तर गिरता जा रहा था !
कालदूत के कई ऊर्जा वॉर महामानव ने विफल कर दिए थे !
महामानव के कई मानसिक ऊर्जा वॉर कालदूत ही शक्ति के आगे बहुत बौने साबित हो रहे थे !
मुकाबला बराबर का था अभी तक !
कालदूत "बहुत हुआ "
कालदूत ने कालसर्पी महामानव की और चला दी
महामानव ने उसे रोकने के लिए कई मानसिक शक्ति के वॉर किये पर कालसर्पी नहीं रुकी और उसने उसने महामानव को बांध दिया !
कालदूत "इस ब्रम्हांड की कोई भी शक्ति कालसर्पी के बंधन नहीं तोड़ सकती "
महामानव " बहुत घमंड है तुम्हे अपनी इस शक्ति पर कालदूत लो अभी में वो करके दिखता हूँ जो किसी ने नहीं किया !"
महामानव के चारों और एक ठंड का आवरण बनने लग गया !
और कालसर्पी सिकुडने लग गयी पर अभी भी उसका बंधन बहुत मज़बूत था वह महामानव को छोड़ नहीं रही थी !
पर महामानव के दिमाग में कुछ और चल रहा था उसने अपने आवरण को पहले ठंडा किया फिर गरम और ऐसा करता रहा और आखिर उसकी
मेहनत रंग ला गयी इतना अधिक तापमान के चेंज के दबाव को कालसर्पी ना झेल सकी और टुकड़ो में बिखर गयी !
कालदूत ( यह हम क्या देख रहे है असंभव )
कालदूत अभी सोच में ही थे की तभी महामानव ने अपनी मानसिक शक्ति से एक बहुत बड़ी उल्का आकाश में प्रकट कर दी !
महामानव " यह देखो कालदूत इस उल्का पिण्ड को जो थोड़ी देर में मेरे एक इशारे पर तुम्हे और तुम्हारे इस नागद्वीप को दोनों को इस धरती के नक़्शे से मिटा देगा "
कालदूत "ऐसा हम होने नहीं देंगे महामानव "
और कालदूत ने अपना विनाशकारी हथियार चीरचला उस उल्का पिण्ड की और चला दिया और चीरचला ने उस उल्का पिण्ड को छोटे छोटे टुकड़ो में बदल
दिया और फिर उन छोटे छोटे को और छोटे छोटे टुकड़ो में बदल दिया और तब तक उसके टुकड़े करती रही जब तक वह धूल मैं ना बदल गए !
महामानव "कमाल की शक्ति है यह "
कालदूत " अब चीरचला तुझे भी चीर देगी महामानव "
चीरचला महामानव की तरफ तेज़ी से बढ़ने लगी
महामानव ने अपने आप को मानसिक कवच में ढक लिया और अपने आस पास की वायु को इतना सघन कर दिया की चीरचला उस सघन वायु में फस कर रह गयी उसकी बढ़ने की गति बहुत ही कम हो गयी !
महामानव " इसे मुझ तक पहुंचने में अब कुछ दिन तो लग ही जाएंगे haaa "
कालदूत सोचते हुए ( हुम्हे अब दिव्य अस्त्रों का प्रयोग करना होगा )
महामानव कालदूत से ज़्यादा मानसिक शक्ति रखता था उसने कालदूत का दिमाग पड़ लिया और फिर
महामानव ( ओह्ह तो बुड्ढा दिव्य अस्त्रों का प्रयोग करने की सोच रहा है )
महामानव (करने दो )
कालदूत ने महामानव पर भगवान इन्द्र का वज्र चला दिया
कालदूत "ले मिल अपनी मौत से "
और अगले पल कालदूत "अरे यह क्या हम वज्र को उसका निशान नहीं बता पा रहे ऐसा लग रहा है किसी ने हमारे दिमाग पर कब्ज़ा कर लिया हो उफ़ वज्र
हमारे हाथ से छूट कर हमारी ही और आ रहा है "
कालदूत अपने ही हमले से बचने के लिए तैयार नहीं थे वज्र तेज़ी से आकर उनसे टकरा गया और वॉर इतना ज़ोरदार था की थोड़ी देर के लिए उन्हें दिन में तारे दिख गए
कालदूत ( आह्हः हम बहुत कमज़ोरी महसूस कर रहे है वज्र के वॉर ने हुम्हे बुरी तरह घायल कर दिया है )
महामानव के कालदूत को अपने मानसिक ऊर्जा के हाथ से पूछ से पकड़ लिया और ज़ोर ज़ोर से नागद्वीप के पहाड़ों से पटकने लगा !
कालदूत ने बुरी तरह घायल हो गए थे और नागद्वीप पर मानों एक भूंकप आ गया था !
सभी नागद्वीप वासी अपने घरों से निकल कर यह युद्ध देख रहे थे !
विसर्पी भी बहुत चिंता मैं थी " उफ़ यह तो महत्मा कालदूत को मार ही डालेगा और हम सब इसके मानसिक ऊर्जा का मिलकर भी मुकाबला नहीं कर सकते मुझे नागराज को मानसिक संकेत भेजना होगा अब वही कुछ कर सकता है "
महामानव ने कालदूत को पटक पटक कर सपाट कर दिया था वह अब और मार सहन नहीं कर सकते थे और एक अंतिम पटकनी ने उन्हें गहरी नींद में सुला दिया इतनी बुरी मार उन्हें अपने करोडो सालो की ज़िन्दगी में कभी नहीं पड़ी थी !
नागद्वीप वासी सदमे में थे की कालदूत की ऐसी हार उनकी समज से बाहर थी !
महामानव अभी भी नहीं रुका
महामानव " इस कालदूत को इसकी करनी का दंड मिलेगा यह मानसिक किरण एक पुरे ग्रह को टुकड़ो में बदल सकती है अब इसकी मौत का कारण भी यही बनएगी
"
महामानव का वॉर जान लेवा था पर उसके वॉर को किसी ने बीच में ही काट दिया और
महामानव "यह कौन है जो मेरे वॉर को रोक सकता है "
और अगले पल रोकने वाला सामने था और वह था बाबा गोरकनाथ
गोरकनाथ "रुक जा महामानव हम तुझे ऐसा कभी नहीं करने देंगे "
महामानव ( मेरा यह वॉर रोकने वाला कोई मामूली इंसान नहीं हो सकता पर अब मुझे कोई नहीं रोक सकता )
महामानव " ठीक है तो हो जाओ युद्ध के लिए तैयार "
next महामानव vs गोरकनाथ (नागराज के गुरु )
महामानव vs गोरकनाथ (नागराज के गुरु ) पार्ट - ४
गोरकनाथ ने कालदूत को तो बचा लिया था पर वो मन ही मन में जानते थे की जिस शक्ति ने कालदूत जैसे महारथी को धूल में मिला दिया उससे पार पाना उनके
लिए आसान नहीं होगा !
महामानव " पागल बुड्ढे तूने बीच में आकर अपनी मौत को दावत दे दी है तू भी मरेगा अब इस तीन मुँह वाली छिपकली के साथ "
महामानव का गुस्सा चरम पर था और उसने एक मानसिक ऊर्जा का वॉर गोरकनाथ पर कर दिया पर जिसे उस ने रोक दिया जिसे हम
शिकांगी नेवले के नाम से जानते है !
महामानव "अरे यह क्या मेरा मानसिक ऊर्जा का वॉर इस छोटे से जीव ने रोक दिया वहहह कमाल है "
गोरकनाथ "यह कोई मामूली नेवला नहीं है महामानव यह एक महाशक्ति जो किसी भी दुश्मन को धूल चटा सकती है "
महामानव "बुड्ढे लगता है तेरे उम्र भी कम है और दिमाग भी कम जो तू सोच रहा है की यह चींटी जैसा प्राणी मुझे मात दे देगा ! ठीक है बुड्ढे तेरी यह
गलतफहमी बहुत जल्दी मैं दूर कर दूंगा और उसके बाद तुझे तेरे इस बुढ़ापे से छुटकारा भी दिला दूंगा "
महामानव की भाषा का स्तर किसी नेता की भाषा के स्तर के जैसा हो गया था !
शिकांगी नेवेले ने अपने कई रूप प्रकट कर दिए और उन्होंने चारो दिशाओं से महामानव पर हमला चालू कर दिया
महामानव ( ओह्ह यह छोटे जिव को सचमुच बहुत खरतरनक है और इनके यह उस्मा वायु को भी पतला कर रहे है और इस चिरचिला का निशाना अभी भी मैं हूँ )
गोरकनाथ ने महामानव का दिमाग पड़ने की कोशिश की और उन्हें ज़ोर का झटका बहुत ज़ोर से लगा और वह दूर जा कर कालदूत की पूंछ के पास जा गिरे
जो महामानव ने कालदूत को पटक पटक कर तोड़ दी थी !
गोरकनाथ का हाथ पूंछ पर पड़ा ( ओह्ह यह क्या कालदूत की पूंछ इसने कालदूत की पूंछ तोड़ डाली ऐसा तो लगभग असंभव है )
उधर महामानव का कहर शिकांगी नेवलों पर टूट पड़ा था वह उसकी मानसिक शक्ति का मुकाबला नहीं कर पा रहे थे !
महामानव ने अपनी मानसिक शक्ति से कई मानसिक ऊर्जा से चलने वाले बाज़ बना दिए थे जिनका मुकाबला शिकांगी नेवेले नहीं कर पा रहे थे !
पर अगले पल उन सभी बाज़ो को एक बड़े हाथ ने पकड़ कर अपने मुँह में डाल कर निगल लिया !
महामानव " यह क्या बला है "
गोरकनाथ "महामानव इसे तुम महात्रिकुल कह सकते हो यह मैंने अपनी यौगिक शक्ति और कालदूत की पूंछ से बनाया है और मैंने तुम्हारी मानसिक ऊर्जा भी सोख ली थी जब मुझे ज़ोर का झटका लगा
क्योकि मेरा शरीर उतनी ऊर्जा नहीं सोख सखा ! फिर भी मैंने उतनी ऊर्जा सोख ली की तुम्हारी मौत का सामान तैयार कर सकूँ और यह रही तुम्हारी मौत महात्रिकुल "
महामानव ने अपनी मानसिक शक्ति का प्रबल रूप दिखा दिया !
उसकी मानसिक शक्ति ने कई उल्का पिण्डो को की दिशा को धरती की तरफ मोड़ दिया और वह बड़ी वेग से
अपने निशाने की और आने लगी और उनका निशाना था महात्रिकुल
महामानव "गोरकनाथ अब देखता हूँ तेरा यह जिव कैसे इन उल्का पिण्डो से इस ग्रह और तुझे बचता है "
पर महामानव इस बार गलत साबित हुआ जिव ने अपना आकार बढ़ाया और उन सभी उल्का पिण्डो को निगल गया
महामानव ( अरे यह क्या इतने सारे उल्का पिण्ड निगल गया और डकार तक नहीं मारी यह तो इस बुड्डे ने मेरे लिए मुशीबत पैदा कर दी ऊपर से इसके यह
नेवले मुझ पर ऊर्जा वॉर चारों दिशाओ से कर रहे है ऐसे जो इस युद्ध का कोई अंजाम नहीं निकलने वाला )
महामानव ने नेवलों के ऊर्जा वारों से बचने के लिए अपने आप को ऊर्जा कवच में कैद कर रखा था !
और महात्रिकुल अब मुक्कों से उस कवच को तोड़ना स्टार्ट कर दिया !
महामानव सोचते हुए ( इन सभी उल्का पिण्डो में phosphorus की बहुत अधिक मात्रा थी यह मैंने अपनी मानसिक शक्ति से पता कर लिया कोई भी
ज़िन्दा प्राणी इतनी phosphorus नहीं पच्चा सकता इसका सीधा का मतलब है यह बुड्डा अपनी यौगिक शक्ति से उसे चला रहा है )
गोरकनाथ नहीं समझ पाए की महामानव के दिमाग में क्या चल रहा है और यही पर वह मात खा गए उसने धीरे से अपनी चारो तरफ की वायु को हल्का कर दिया और एक ज़ोरदार वॉर से चिरचिला का निशाना बदल कर गोरकनाथ कर दिया !
गोरकनाथ को बचने का अवसर भी नहीं मिला और चिरचिला के वॉर ने उन्हे बुरी तरह घायल कर दिया और उसके साथ उनका बनाया महात्रिकुल भी निर्जीव
होकर ज़मीन पर कटे पेड की तरह गिर पड़ा !
महामानव को यही मौका चाईए था उसने कई जानलेवा वॉर गोरकनाथ पर किये !
पर वह सभी वॉर नेवालो ने अपने ऊपर झेल लिए और कुछ नेवेल बुरी तरह घायल हो गए और कुछ भगवान को प्यारे हो गए !
गोरकनाथ बुरी तरह घायल हो गए थे और वह अब महामानव का और सामना नहीं कर सकते थे !
महामानव " तूने मेरा बहुत समय बर्बाद किया है बुड्डे अब तेरी मौत से मैं उसका हिसाब पूरा करुँगा "
पर तभी बीच में विसर्पी आ गयी "रुक जा दुष्ट बाबा गोरकनाथ को हमारे होते हुए तू हाथ भी नहीं लगा सकता "
महामानव विसर्पी की तरफ मुड़ा और
महामानव "लगता है तुझे भी तेरी ज़िन्दगी प्यारी नहीं है "
विसर्पी ने महामानव को रोकने की एक विफल कोशिश की
और महामानव ने मौत का मुँह उसकी और मोड़ दिया
महामानव की मानसिक ऊर्जा विसर्पी को मौत देने के लिए आगे बड़ी पर इस बार फिर उसे किसी ने काट दिया !
और काटने वाले हाथ थे ब्रम्हांड रक्षक शक्ति के और साथ में थे कई सुपरहीरो
नागराज , ध्रुव , डोगा , परमाणु , शक्ति वहाँ पहुंच चुके थे
ध्रुव "रुक जाओ महामानव "
महामानव " मैं तेरा ही इंतज़ार कर रहा था लड़के अब पहले तू जायेगा फिर तेरे यह दोस्त और फिर तेरा यह घर जिसे तू पृत्वी कहता है "
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(डार्क महामानव पार्ट 5 )
महामानव vs परमाणु + डोगा+ नागराज + ध्रुव + शक्ति !
ध्रुव "महामानव इस तबाही को रोक दो तुम तो मानवों के प्रति अपना नजरियाँ बदल चुके थे फिर यह सब क्या है "
महामानव " लड़के सर झुका कर बात कर नहीं तो कट जायेगा "
महामानव "तुम जैसे कीड़ों से अब महामानव अब कोई संधि नहीं करेगा अब तुम सब को मसलने का काम करेगा "
"महात्रिकुल"
महात्रिकुल को महामानव ने अपनी मानसिक शक्ति से फिर से जीवित कर दिया था यह प्राणी कालदूत की टूटी हुयी पूँछ से बना था
सो उसके पास कालदूत की सर्प शक्ति भी थी और महमानव की प्रलयंकारी मानसिक ऊर्जा की शक्ति भी !
महामानव "ज़िन्दा निगल कर मुर्दा बना दे इन सबका महात्रिकुल "
नागराज "उफ़ यह क्या बला है "
महात्रिकुल युद्ध के मैदान पर कूद पड़ा था और फिर !
महात्रिकुल ने अपने मुँह से बड़े बड़े जलते हुए पत्थर निकाले जो शायद उन उल्का पिण्ड के टुकडे थे जो उसने निगले थे !
डोगा " हटो परमाणु आग का जवाब आग से देना होगा "
डोगा के अचूक निशानों ने कुछ पथरो को और छोटे छोटे टुकड़ो में तोड़ दिया अब वह किसी को कोई हानि नहीं पहुँचा सकते थे "
ऐसा ही शक्ति और परमाणु ने भी किया !
महात्रिकुल का हमला बुरी तरह विफल हो गया था !
ध्रुव => नागराज से "महामानव की कमजोरी ऊष्मा है नागराज "
नागराज ने महामानव के के चारो और सर्पों का महाजाल बना दिया उसके लिए अपने आगे कुछ भी देखना लगभग
असंभव हो गया और इसी का फायदा उठा कर शक्ति ने अपनी उष्मा किरण का एक भयनाक वॉर
महामानव पर कर दिया और महामानव टुकड़ो में बदल गया !
परमाणु "वाह शक्ति "
पर यह क्या
वह टुकड़े वापस जुड़ गए और महामानव " तुम्हारे यह बचकाने वॉर मेरा कुछ नहीं बिगाड़ सकते "
और इस बार महात्रिकुल ने महामानव के इशारे पर अपना आकार बड़ा लिया और उसने फिर एक मुक्का नागद्वीप की धरती पर मारा
और एक झटके से पूरा नागद्वीप टुकड़ो में सागर में जा मिला और पूरा नागद्वीप पानी में समां गया नागद्वीप वासी त्राहि त्राहि करने लगे !
नागराज " उफ़ यह क्या हुआ इसने तो एक ही प्रहार में पुरे नागद्वीप को मिट्टी में मिला दिया "
महात्रिकुल पर चारो तरफ से वॉर होने लगे पर उस पर किसी के भी वॉर का कोई असर नहीं हुआ !
उलटा उसके वारो से पानी में बचना और मुश्किल हो गया !
महामानव ( haaa इन सबकी कब्र भी यही नागद्वीप में बनाएगा यह महात्रिकुल )
ध्रुव "उफ़ इसका साइज हम सबके लिए मुसीबत है यह हम पर बहुत दूरी से वॉर कर रहा है और इसके विशाल शरीर पर हमारे वारो का कोई असर भी नहीं हो रहा "
डोगा " और इसने मेरा आधा बारूद यह निगल गया और अब उसी से हम पर वॉर कर रहा है "
शक्ति "मेरे इतने तीर्व वॉर को किसी पहाड़ को भी पल भर में पिघला सकते है पर इस पर तो उनका कोई असर नहीं हो रहा
"
युद्ध एकतरफा था नागराज की नागशक्तियाँ भी पूरी तरह विफल हो गयी थी !
महात्रिकुल का कहर बढ़ता जा रहा था !
तभी ध्रुव " नागराज का तुम इसका मुँह अपने सर्पों से बंद कर सकते हो ! "
नागराज ने अपने सर्पो से महात्रिकुल का मुँह पूरी तरह ढक दिया !
ध्रुव "शक्ति परमाणु डोगा तुम इस पर वॉर करो वॉर रुकने नहीं चाईए "
सब के पास ध्रुव की बात मानने के सिवा और कोई चारा भी नहीं था !
महात्रिकुल हर टाइप की ऊर्जा को निगल सकता था और इसलिए उस पर किसी भी तरह की ऊर्जा का कोई असर नहीं हो रहा था !
और अब नागराज ने इसका मुँह बंद कर दिया है अब यह अलग अलग टाइप की ऊर्जा सोख़ रहा है और जो
मिश्रित होकर जल्दी ही एक धमाके का रूप ले लेगी !"
नागराज "पर यह अपने मुँह से ऊर्जा निकालने की लागतार कोशिश कर रहा है और मेरे सर्प बुरी तरह जल रहे है मुझे शीतनाग कुमार को हेल्प लेनी होगी "
और फिर सर्पो के साथ साथ शीतनाग कुमार ने भी महात्रिकुल का मुँह बर्फ से बंद कर दिया अब उसके पास और उसके पेट की ऊर्जा बहुत घातक रूप ले रही थी और उसके पेट में कई धमाके हो रहे रहे थे और महात्रिकुल धीरे धीरे कमज़ोर हो रहा था !
महामानव ( जब तक यह नागराज और ध्रुव साथ है मेरे लिए इस universe को अपने कदमों में झुकाना बहुत मुश्किल हो जायेगा मुझे महात्रिकुल को इस मुसीबत से निकलना पड़ेगा )
की तभी कुछ ऐसा हुआ की सब कुछ रुक गया !
और महामानव वहां से गायब हो गया !
महामानव ( अरे यह में कहाँ हूँ यह कौन सी शक्ति है जो मुझे भी मूव कर सकती है )
युगम "हम लाये है तुम्हें "
महामानव "पर तुम तो एक ही हो दूसरा कहाँ है "
युगम "हम मने मैं "
महामानव " कौन हो तुम"
युगम " में वह हूँ जो सृष्टि के तीनो कालो का रचीयता है और तुम मेरे बनाये हुए नियमों को तोड़ रहे हो जो तुम नहीं कर सकते "
महामानव "महामानव किसी के नियम नहीं मनाता फिर वह युगम ही क्यों ना हो अगर तुम अपनी खैर चाहते हो तो मेरा गुलाम बन जाओ "
महामानव ने अपनी लगाम की सीमा पार कर ली थी और फिर
युगम "महामानव तुम्हे इसका दंड मिलेगा "
युगम ने हवा में एक दर्पण बना दिया जिसमे से एक प्राणी निकला !
युगम "यह काल है महामानव जो अब तुम्हारा काल बनेगा "
महामानव "अभी पता चल जायेगा "
महामानव ने एक महाशक्तिशाली मानसिक ऊर्जा का वॉर काल पर किया जो शायद एक ग्रह को नस्ट कर सकता था पर काल का उस पर
कोई असर नहीं हुआ !
युगम " काल उस समय से है जब कोई ऊर्जा इस यूनिवर्स में नहीं थी सो इस पर तुम्हारी किसी भी शक्ति का कोई असर नहीं होगा और यह अपना
आकर तब तक बढ़ाता रहेगा जब तक तुम्हें निगल नहीं जायेगा "
महामानव के सामने काल था और युगम भी !
next part --> युगम vs महामानव
पार्ट ६ (युगम vs महामानव )
काल ने अपना रूप और विराट करना शुरू कर दिया वह बड़ा होता चला गया और फिर
महामानव ( इस पर मेरे किसी भी वॉर का कोई असर नहीं हो रहा और यह मुझे निगलने के लिए मेरी और आ रहा है )
युद्ध विराट रूप ले चूका था और काल भी !
महामानव ने भी अपना साइज बढ़ाना स्टार्ट कर दिया और जल्दी ही काल और महामानव दोनों लगभग एक साइज के हो गए !
लेकिन काल पर महामानव की किसी भी मानसिक ऊर्जा शक्ति का कोई असर नहीं हो रहा था !
युगम (अरे यह महामानव तो काल जैसा बड़ा रूप बना रहा है ऐसे तो यह मेरे लिए मुसीबत बन सकता है मुझे काल को और बढ़ने से रोकना होगा )
युगम ने काल को रोक दिया उसका साइज अब और नहीं बढ़ रहा था !
पर अभी भी महामानव का पलड़ा हल्का था !
महामानव सोचते हुए ( उफ़ इस तरह से इस पर काबू नहीं पाया जा सकता इसकी कोई कमजोरी नज़र नहीं आ रही ! और मैं युगम का दिमाग पढ़ कर भी इसकी
कमज़ोरी का पता नहीं लगा सकता क्योकि युगम का दिमाग बिलकुल शांत है उसने अपने सारे काम पहले से निर्धारित कर रखे है जब तक किसी के दिमाग
में कोई हलचल ना हो तब तक मैं कुछ नहीं कर सकता!
)
तभी महामानव के दिमाग में कुछ आया और फिर !
स्टोरी अतीत की और मुड़ जाती है
जहाँ कुबेर देव के महल में एक बहुत बड़ा हवन हो रहा था !
जहाँ भोकाल , योद्धा , गोजो , अश्वराज , और भीमकाय अडिग भी थे यह हवन दुनिया से लालच काम करने के लिए किया जा रहा था जहाँ सब
सोने की आहुति दे रहे थे ताकि अपने लालच पर काबू कर सके !
और तभी
कुबेर के महल में एक भयनाक रौशनी प्रकट हुयी और सामने आयी महामनाव जैसी एक आकृति !
भोकाल "मुझे पता था असुर चुप नहीं रहने वाले वह यह हवन शांति पूर्वक नहीं होने देंगे सो उन्होंने इस बौने राक्षक को हम्हे रोकने के लिए भेज दिया "
महामनाव " सुन जोकर यह क्या कपडे पहने है तूने चुप चाप मेरे आगे हार मान लो और यह हवन रोक दो क्योकि मुझे इस सोने की बहुत ज़रूरत है जिसे
तुम इस विशाल अग्नि में डाल रहे हो "
योद्धा "भोकाल तुम रुको इस जैसे मामूली राक्षक को में एक ही वॉर में ख़त्म करता हूँ "
योद्धा ने अपना ढ़क-कमान-घन उठाया और एक उछल कर एक वॉर महामानव के सर पर किया !
और नतीजा बिलकुल उल्टा निकाला योद्धा को मानसिक ऊर्जा का ऐसा झटका लगा की वह उछल कर दूर जा गिरा और उसका ढ़क-कमान-घन भी उस से
दूर जा गिरा !
महामनाव गुस्से में आ गया और उसके दिमाग से मानसिक ऊर्जा की मदत से एक बहुत बड़ा त्रिशूल बना दिया और सब पर वॉर करना स्टार्ट कर दिया !
भोकाल ( यह कोई मामूली शक्ति नहीं है जिसने एक ही वॉर में योद्धा को अचेत कर दिया )
"अपनी रक्षा करो मित्रों "
योद्धा अचेत हो गया था !
और बाकी सभी अपने आप को महामानव के त्रिशूल से बचा रहे थे जिसका एक एक वॉर सब पर भारी था !
महामानव ( मैंने
इतिहास में जाकर देखा की काल को सिर्फ एक बार धन कुबेर ने हराया है और वह भी अपने सोने की मदत से क्योकि सोना काल के दिमाग को स्थिर कर सकता है
और अब मेरा मानसिक सरूप काल से लड़ रहा है और में यहां आ गया हूँ !
इतिहास को बदलने के लिए क्योकि सिर्फ कुबेर के पास ही सोना है की उसकी मदत से मैं काल को स्थिर कर सकूँ )
उधर काल महामानव के मानसिक रूप से लड़ रहा था ! महामानव ने अपनी मानसिक शक्ति से एक ऐसा अवरोध पैदा कर दिया की युगम को महामानव की इस चाल की भनक भी ना लगी !
युद्ध एक ऐसा रूप धारण कर चूका था की इतिहास भी काँप रहा था !
भोकाल "जय महागुरु भोकाल "
भोकाल के अपने सबसे ताकतवर सरूप में आ चूका था और फिर !
भोकाल ने एक ही की वॉर में महामानव का मानसिक त्रिशूल नस्ट कर दिया !
महामानव " वाह्ह्ह यह क्या शक्ति है पर मुझे रोक नहीं सकती मुझे कुबेर को काल के सामने ले ही जाना पड़ेगा "
महामानव ने अपने मानसिक शक्ति से एक महा राक्षक सेना को वापिस ज़िन्दा कर दिया था पर वह पूरी सेना भोकाल , योद्धा , गोजो , अश्वराज , और भीमकाय अडिग का मुकाबला नहीं कर पा रही थी !
भोकाल , योद्धा , गोजो , अश्वराज , और भीमकाय अडिग उन सेना के लोगो को तिनको की तरह उड़ा रहे थे !
महामानव ( मेरी यह सेना काफी बड़ी है पर मेरे पास वक़्त कम है और काल मेरे मानसिक रूप को कभी भी ख़त्म कर देगा मुझे किसी महाशक्ति को इन
सबसे भिड़ाना होगा ताकि यह सब उससे लड़ने में व्यस्त रहे और मैं कुबेर को यहां से ले जा सकूँ )
काल का विराट रूप महामानव के मानसिक रूप पर भारी पड़ रहा था !
दूसरी तरफ नागराज , ध्रुव , डोगा और परमाणु + शक्ति ने महात्रिकुल के पेट में इतने धमाके किये की वह अब और धमाके सहन नहीं कर पाया और अचेत हो गया !
नागराज "ध्रुव हमने इसपर काबू पा लिया पर इसने पुरे नागद्वीप को डुबो दिया जिसे शायद महात्मा कालदूत और गोरकनाथ ही दुबारा से ठीक कर सकते है !
पर इतने नागद्वीप वासियों को दोबारा अभी किसी आसरे की बहुत ज़रूरत है कुछ तो करना होगा "
ध्रुव "तुम चिन्ता मत करो मैंने अपने दोस्त Dhananjay को मैसेज भेज दिया है एक डॉल्फिन के द्वारा वो इन सबकी हेल्प जरूर करेगा "
नागराज " थैंक्स ध्रुव हम्हे महात्मा कालदूत और गोरकनाथ को किसी सुररक्षित जगह पर ले जाना होगा यह दोनों अभी भी अचेत है "
इधर यूनिवर्स रक्षक अपनी लड़ाई जीत चुके थे पर इसकी खबर महामानव तक पहुँच चुकी थी!
महामानव ( ओह्ह्ह तो उन सब ने मिलकर महात्रिकुल को हरा दिया है )
महामानव कुछ पल के लिए सोच में पड़ गया और तब तक
भोकाल , योद्धा , गोजो , अश्वराज , और भीमकाय अडिग ने उसकी पूरी सेना का सफाया कर दिया !
भोकाल "अब बोल बौने राक्षक अपने आप को मेरे हवाले कर दे हम तुझको जीवन दान दे देंगे या फिर मरने के लिए तैयार हो जा "
महामानव " भोकाल मैं तुम्हारा दिमाग पढ़ रहा था और तुम्हारे दिमाग से मुझे पता चला
इतिहास की सबसे दुष्ट महाशक्ति का जो की है महारावण जिसे मैंने अपनी मानसिक ऊर्जा से एक नया रूप दिया है मिलो इतिहास की सबसे
बड़ी महाशक्ति "महारावण से"
महारावण का ऐसा रूप पहले किसी ने नहीं देखा था उसने एक हाथ हवा मैं घुमाया और सभी हवा में तिनके की तरह उड़ गए !
महारावण ने कहर मचा दिया कोई भी उसके सामने टिक नहीं पा रहा था !
महामानव ( HAAAA अब इनको कोई नहीं बचा सकता और नागराज ध्रुव और उसके दोस्तों के लिए मैंने एक ऐसा इंतज़ाम कर दिया है जिससे उन्हे वह
स्वयं भी नहीं बचा सकते )
महामानव ने कुबेर को अपने साथ लिया और सीधा काल और युगम के पास पहुंच गया !
काल महामानव के मानसिक रूप को लगभग ख़त्म करने ही वाला था की तभी !
काल ने कुबेर को देख लिया और कुबेर को देखते ही वह एक दम शान्त हो गया !
युगम " यह कैसे हो गया "
महामानव "अब ऐसा तेरे साथ भी होगा अपने आप को हम बोलने वाले बडबोले "
महामानव ने एक के बाद एक घातक वॉर युगम पर किया पर युगम पर कुछ असर नहीं पड़ा और ऐसे ही युगम की कोई भी शक्ति महामानव के
मानसिक कवच तो तोड़ कर उस तक नहीं पहुंच आ रही थी !
युद्ध बराबर का था !
युगम ( महामानव ने हमारे पुरे नियमो को भंग कर दिया है लगता है इसे समय धारा में वही भेजना पड़ेगा जहाँ सी इसकी शुरुवात हुयी थी यानिकि २०० CR
साल पहले )
पर इससे पहले युगम कुछ पर पाता वह एक दम जाम हो गया और फिर
युगम "अरे यह क्या मैं रुक क्यों गया "
महामानव "मैं इसी का इंतज़ार कर रहा था युगम तुम्हारा दिमाग स्थिर था सो मैं तुम्हारे दिमाग को नहीं पढ़ पा रहा था लेकिन जैसे ही तुम्हारे दिमाग में
मुझे इतिहास में उसी समय भेजने का विचार आया जब मैं पैदा हुआ था तो मैंने तुम्हारे दिमाग से तुम्हारी कमज़ोरी निकाल ली "
और तुम्हारी कमज़ोरी है यह ब्लैक होल जो इस यूनिवर्स का सबसे बड़ा जीवित ब्लैकहोल है जिसे मैंने यहां अवतरित कर दिया है और इसने तुम्हे रोक दिया है !
युगम " ओह्ह मैं कुछ नहीं कर पा रहा मेरा सिर्फ दिमाग काम कर रहा है जिसपर इसने मानसिक पहरा बिठा दिया है "
युगम महामानव से हार चूका था वह रुक चूका था फिर भी समय अभी भी महामानव के कब्ज़े मैं नहीं था क्योकि युगम यह सब पहले ही लिख चूका था सिर्फ
वह यह नहीं लिख पाया की महामानव इतिहास मैं उसकी हार का एक पृष्ठ भी जोड़ने वाला है !
महामानव को अब शायद कोई नहीं रोक सकता था क्या यह उसकी जीत थी !
उधर ध्रुव , नागराज परमाणु , डोगा, नागराज , ध्रुव , शक्ति ! सभी मिलकर सभी नागद्वीप के लोगो को सुरक्षित जगह पंहुचा चुके थे !
तभी ध्रुव के वायरलेस पर एक मैसेज आया
ध्रुव "बोलो करीम "
करीम "कप्तान आह्ह्ह्ह कप्तान बचा लो हम सबको इस से। .... "
ध्रुव "करीम क्या हुवा किस से बचा लू तुमको अरे यह कुछ बोल क्यों रहा मुझे राजनगर कमाण्डो हेडक्वाटर जाना होगा जल्दी "
और फिर सभी के पास ऐसे ही मैसेज आया और सभी अपने अपने शहर को बचाने के लिए निकल गए !
कही दूर महामानव महामानव "हा हा हा हा हा हा अब वो होगा जो कभी नहीं हुआ होगा ऐसा विनाश जिसका कोई रूप नहीं होगा "
इसका लास्ट पार्ट फ्रेंड्स जल्दी आपके सामने आएगा
सर्वनाश
ऐसा मंजर शायद ही कभी देखा गया था!
वर्तमान का दृश्य
ध्रुव अपनी कमांडो फाॅर्स के साथ अचेत पड़ा था ब्लैक कैट और
चंडिका भी बुरी तरह घायल थी !
और साथ में कुछ साये मुस्करा रहे थे सब जगह विनास ही विनास था !
नगराज का भी कुछ ऐसा हाल था वह नागद्वीप में घायल अवस्था में ज़मीन पद पड़ा था उसके साथ में विषर्पी ,नागरानी ,सौदांगी ,नागू और दादा वेदाचार्य ,भारती ,शीतनाग कुमार बुरी तरह घायल पड़े थे सब अचेत अवस्था में थे !
कुछ साये मुस्करा रहे थे !
भूतकाल
भोकाल , गोजो , योद्धा , अश्वराज , भीमकाय अडिग सब बुरी तरह घायल पड़े थे और महारावण मुस्करा रहा था !
वर्तमान का दृश्य
कालदूत और गोरकनाथ को अभी भी होश नहीं आया था !
सब जगह था विनाश ही विनाश चाहे भूत हो या वर्तमान चारों तरफ फ़ैल हो चूका था
सर्व विनाश
और महामानव को रोकने वाला कोई भी नहीं था क्या यही था अंत या अभी भी थी कोई एक उम्मीद की किरण !
कहानी वही से शुरू हुयी जहाँ से खत्म हुयी थी
ध्रुव "करीम कुछ मुसीबत में है मुझे जल्दी हेडक्वाटर पहुँचना होगा ! "
ध्रुव जल्दी से अपने स्टार हेलीकॉप्टर से कमांडो हेडक्वाटर पहुंच गया !
ध्रुव अरे करीम तुम तो बिलकुल सही हो फिर वो स्टार मैसेज !
करीम ने ध्रुव पर ध्यान भी नहीं दिया !
रेनू "करीम यह ध्रुव की ड्रेस पहन कर कोई आ गया था शक्ल भी उससे मिल रही है "
करीम "अरे बाबा जाओ अभी और ध्रुव नहीं चाईए "
ध्रुव गुस्से में "करीम पागल हो गए हो क्या "
तभी आवाज़ के साथ एक दूसरा ध्रुव सामने आ गया और फिर !
ध्रुव२ - "कौन है तू जो खुद को ध्रुव कह रहा है "
ध्रुव " सुपर कमांडो ध्रुव के जैसा चेहरा होने से यह उसकी जैसी ड्रेस से कोई ध्रुव नहीं बन जाता "
रेनू ध्रुव२ से "यह ठीक बोल रहा है कप्तान ध्रुव नहीं है यह है डार्क ध्रुव "
और ध्रुव के सामने सब की सच्चाई सामने आ गयी वह सब अपनी डार्क फॉर्म में थे !
ध्रुव " ओह्ह्ह तो महामानव ने मेरे पूरी सेना के साथ साथ मेरी भी कॉपी बना ली "
डार्क ध्रुव "मैं तेरी कॉपी नहीं हूँ ध्रुव मैं तेरा वह रूप हूँ जिसमे तेरी वाली कोई कमी नहीं है मसनल मैं किसी की जान लेने में ज़रा भी संकोच नहीं करता ज़रा भी नहीं "
डार्क ध्रुव ने कुछ स्टार ब्लेड ध्रुव की और फेंक दिए ध्रुव उछल कर बच गया पर जहाँ जहाँ वह स्टार ब्लेड टकराये वहां वहाँ एक जानलेवा धमाका हुआ
ध्रुव ने अपने आप को बड़ी मुश्किल से उन् धमाकों से बचाया
"
ध्रुव पर पूरी डार्क कमांडो फाॅर्स ने हमला बोल दिया था और उनसे बचते बचाते वह एक रूम के डोर से टकराया और वह रूम खुल गया !
और फिर उसकी नज़र अंदर गयी जहाँ पूरी कमांडो फाॅर्स बुरी तरह घायल पड़ी थी और सब के सब अचेत थे !
ध्रुव "ohh माय god यह इनका हाल किसने किया "
डार्क रेनू "चिन्ता मत कर तेरा हाल भी कुछ ऐसा ही होगा "
और उसी के साथ ध्रुव को डार्क रेनू की एक किक पड़ी और फिर
ध्रुव "आह्ह्ह्ह रेनू की किक में इतनी पावर"
रेनू " मैं रेनू का सबसे विकसित रूप हूँ ध्रुव मेरा मुकाबला तू नहीं कर सकता "
ध्रुव के लिए बचना बहुत मुश्किल हो गया था !
ध्रुव ने पलट कर डार्क ध्रुव पर एक किक मारी डार्क ध्रुव हिला भी नहीं !
और डार्क ध्रुव के एक मुक्के ने ध्रुव को दिन में तारे दिखा दिए !
ध्रुव जबड़े पर हाथ लगाते हुए "आह्हः इतना हैवी हाथ मेरा यह रूप तो सचमुच बहुत खरतनाक है इसका एक और वॉर और मेरा राम राम सत्य "
ध्रुव आज बड़ी मुशीबत मैं था ४ लोगो से एक साथ लड़ना उसके लिए मुसीबत हो रहा था !
पर ध्रुव अकेला ही मुशीबत नहीं झेल रहा था शक्ति भी अपने डार्क रूप से टकरा रही थी और उसकी शक्तियां शक्ति पर भारी पड़ रही थी !
शक्ति ( उफ़ मैं जो भी वॉर करती हूँ उसको यह बीच में ही काट देती है और इसके वारों की तेज़ी मेरे वारों से कई गुणा ज़्यादा है )
डार्क शक्ति " कुछ नहीं कर सकती तू शक्ति क्योकि मेरे पास तेरी हर शक्ति है और मेरा रूप तुझ से कई ज्यादा बिकसित है अब तू देख मेरी वह शक्ति जिसे तो रोक
नहीं सकती "
डार्क शक्ति ने अपने हाथो से एक काली किरण निकाली और इस से पहले शक्ति कुछ कर पाती वह उस से जा टकराई और शक्ति को ऐसा झटका लगा की
उसे नानी याद आ गयी और वह उछल कर सामने वाली बिल्डिंग से जा टकराई और उस बिल्डिंग को तोड़ते हुए चंदा के रूप मैं उस बिल्डिंग के पीछे वाले
पार्क में जा गिरी "
डार्क शक्ति उसको ढूँढ़ते हुए वहाँ आ गयी !
डार्क शक्ति "अरे कहां गयी अभी तो यही थी लगता है मेरी डार्क पावर का एक भी वॉर नहीं सहन कर सकीं "
डार्क शक्ति को शायद पता नहीं था की चंदा ही शक्ति है जो उस पार्क में घायल पड़ी थी वह वहां से चल पड़ी
चंदा बहुत बुरी तरह घायल पड़ी थी और डार्क शक्ति अपना काम करके वहां से जा चुकी थी !
भूतकाल में भी भोकाल , गोजो , योद्धा , अश्वराज , भीमकाय अडिग मिलकर भी महारावण का मुकाबला नहीं कर पा रहे थे उसका एक एक वॉर सब पर भारी पड़ रहा था !
भोकाल "गोजो तुम अपनी सप्त शक्तियों को जागृत करो "
गोजो " पर कैसे महारावण की यह महा सेना मुझे ध्यान केंद्रित नहीं करने दे रही कैसे करू "
भीमकाय अडिग लाखो की सेना को अकेले ही संभाल रहा था पर उस सेना से कैसे लड़े जिसका कोई अंत ही ना हो
क्योकि यह महारावण का डार्क रूप था जो उसका सबसे विकसित रूप था !
महारावण " अब यह युद्ध तुम्हारी मौत के साथ ही रुकेगा "
अश्वराज ने महारावण पर उछल कर वॉर किया और महारावण गुस्से में आ गया
महारावण "तेरी इतनी हिम्मत ले अब देख तू अश्वराज "
महारावण ने अपने हाथो में वज्र प्रकट किया और अश्वराज का निशाना बना कर उस पर छोड़ दिया !
भीमकाय अडिग ने यह देख लिया और उसे पता था अश्वराज का शरीर वज्र को सहन नहीं कर सकता था सो वह बीच में आ गया और उसने वॉर अपने ऊपर ले लिया और एक कर्ण भेदी चीख के साथ वह दूर जा गिरा और घायल हो गया!
अश्वराज "भीमकाय अडिग यह तुम्हने क्या कर दिया मुझे बचाने की लिए तुम ने अपनी आहुति दे दी "
महारावण "haaaa यह तो आंरभ है अब तुम्हे मुझ से कोई नहीं बचा सकता"
और फिर महारावण ने अपने हाथ मैं ब्रह्मास्त्र प्रकट कर दिया अब उसका निशाना भोकाल था !
उधर नागराज अभी भी नागद्वीप पर था और अचानक उसकी नज़र हिलते हुए पानी पर गयी और सामने जो प्रकट हुआ वह किसी का भी दिल दहला सकता था !
कंटिन्यू इन नेक्स्ट पार्ट। .. ऑफ़ सर्व विनाश
part 2
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विसर्पी "यह कैसा नागराज है ६ मुँह वाला तीन मुँह कालदूत का एक मुँह मेरा एक नागराज का एक गुरु गोरखनाथ "
६ मुँह वाला नागराज "यह तेरा भविष्य का रूप है नागराज और शायद तेरा अंतिम और सबसे शक्तिसाली रूप जो तेरी मौत का करना बनेगा तू मुझे डार्क
नागराज कह सकता है "
डार्क नागराज ने नागराज पर जहरीली फुँकार छोड़ दी जिसे कटाने के लिए नागराज ने भी जहरीली फुँकार छोड़ी !
पर यह क्या डार्क नागराज के जहरीली फुँकार नागराज की जहरीली फुँकार का अपने में समाते हुए नागराज की और विसर्पी की और चल पड़ी !
और फिर !
नागराज इसके ज़हर से तो मेरा दिमाग भी चकरा गया !
नागराज " विसर्पी कहाँ गयी "
विसर्पी ज़मीन पर पड़ी थी अचेत अवस्था में !
नागराज (मैं तो इसका ज़हर एक बार के लिए सह गया पर विसर्पी नहीं सह पाई मुझे सावधान रहना पड़ेगा )
डार्क नागराज से कालदूत भी जुड़ा हुआ था उसने नागराज पर कई ऊर्जा वॉर लिए को शायद उसकी जान ले सकते थे पर नागराज
जैसे तैसे बच निकला !
नागराज ने बहुत से हमले किये सब तरह के नाग हमले पर कोई भी फायदा ना हुआ और फिर नागराज के शरीर से ,शीतनाग कुमार,सौदांगी ,नागू तीनो
नागराज की मदत के लिए आ गए पर डार्क नागराज के साथ कालदूत थे जिनका मुकाबला करना इन तीनो के बस की बात नहीं थी !
और जल्दी ही कालदूत ने इन तीनो को बुरी तरह घायल करके अपना निशाना बदल कर नागराज पर कर दिया अब नागराज ६ सर वाले नागराज का मुकाबला
अकेला ही कर रहा था !
नागराज (मेरी हर शक्ति की काट इसके पास है और मेरी ताकत अब जवाब दे रही है )
इसी बीच गोरखनाथ वाले सिर ने शिकांगी नेवले को प्रकट कर दिया और उसने नागराज को चारो तरफ से घेर लिया और नागराज
की शक्ति कम होने लग गयी !
अब कालदूत को नागराज को निशाना बनाना बहुत आसान था उसका एक एक वॉर सीधा नागराज पर पड़ रहा था !
नागराज ( अब मेरी शक्ति जवाब दे रही है क्या यही मेरा अंत है अपने ही डार्क रूप के हाथो एक भायानक मौत )
डार्क नागराज "अब तेरी मौत होगी चिरचिला के हाथों से "
कालदूत ने चिरचिला नागराज की और छोड़ दिया और मौत अब नागराज से सिर्फ २ कदम दूर थी !
मुंबई पर भी एक कहर टूट पड़ा था वहां भी डार्क डोगा आम लोगो पर मौत बनकर टूट पड़ा था
उसकी गोलियां किसी को भी नहीं छोड़ रही थी लाशों के ढेर लग चुके थे !
तभी "रुक जा अब और नहीं "
अब आमने सामने २ डोगा थे दोनों का निशाना भी वह आपस में थे एक को एक साथ कई गोलियाँ चली पर निशाने इतने
अच्छे थे की एक दूसरे की ही गोलियों को काटने लगे !
डार्क डोगा ( यह मेरे जैसा है मैं ऐसे इस से नहीं जीत सकता ताकत का यूज़ करना होगा )
डार्क डोगा के ललकार पर डोगा ने अपने हथियार वही फेंक दिये और दोनों डोगा दो पागल कुत्तो की तरह भिड़ गए !
पर यह क्या उन दोनों की ताकत एक जैसी थी यानिकि डोगा का हर रूप एक जैसा डार्क था !
दोनों ने मार मार कर एक दूसरे को अधमरा कर दिया !
चारो तरफ लोगों का हुज़ूम उमड़ पड़ा और लोगो ने एक घेरा बना दिया जिसके बीच मैं ज़मीन पर दोनों डोगा के हथियार पड़े थे और दोनों आपस में २ सांडों
की तरह लड़ रहे थे इस्पेक्टर चीता भी वहां पहुंच चूका था पर उसे समझ में नहीं आ रहा था की किसको रोकें !
डार्क डोगा (मैं यह लड़ाई नहीं जीत सकता पर मुझे अरे एक mintue यह अदरक चाचा यह यहां क्या कर रहा है )
ना जाने डार्क डोगा के दिल में क्या आया उसने ज़मीन पर गिरी एक बंदूक उठा ली और गोली चला दी पर उसका निशाना डोगा नहीं
अदरक चाचा थे और गोली सीधा अदरक चाचा के सर के पार निकल गयी और वह एक कटे पेड की तरह गिर पड़े !
लोगो की भगदड़ मच गयी और फिर एक और गोली चली और डार्क डोगा भी गिर पडा और वही मर गया गोली डोगा के हाथो से चली थी !
डोगा ने एक स्मोक बम फैका और गटर में उतर गया और पुलिस हमेशा की तरह खाली हाथ रह गयी !
गटर में डोगा !
डोगा "एहहह क्या हो गया "
डोगा कुछ नहीं बोला और बच्चो की तरह रोने लगा और उसके हाथ से उसके हथियार छूट कर गटर के पानी में ही गिर गए !
इस कहानी का एक दुखद अंत हो चूका था जिसका परिणाम शायद बहुत बुरा होने वाला था !
भूतकाल मैं भी
महारावण ने ब्रह्मास्त्र भोकाल की और चला दिया था अब उसके पास बचने का कोई रास्ता नहीं था की तभी ना जाने कहाँ से एक छोटा सॉ बच्चा बीच में आ गया और बोला "जय श्री राम "
और ब्रह्मास्त्र हवा में ही गायब हो गया भोकाल के मुँह पर एक मुस्कान थी शायद वह उस बच्चे को जानता था उसका सिर बच्चे की और झुका और वह बच्चा
२ पल बाद गायब हो गया !
महारावण हैरान था की ब्रह्मास्त्र को कोई ऐसे कैसे रोक सकता है पर कुछ चीज़े हम सबके हाथ में नहीं होती चाहे वह महारावण ही क्यों ना हो !
महारावण का गुस्सा अब अपनी सीमा पर कर चूका था गोजो की सप्त शक्तियों और अश्वराज की शक्ति भी उसका कोई मुकाबला नहीं कर पा रही थी !
इस बीच भोकाल ने वह निर्णय ले लिया जिसके सिवा उसके पास और कोई चारा नहीं था !
भोकाल ने भगवान शिव का त्रिशूल प्रकट किया और महारावण की और छोड़ दिया ! महारावण के पास उसकी कोई काट नहीं थी उसका सिर अपने
महादेव के आगे झुक गया पर उसने पहले उसने भी एक महाविनाशकारी अस्त्र भोकाल की और छोड़ दिया !
और अगले पल २ कर्ण भेदी धमाकों के साथ अश्वराज और महारावण के शरीर ज़मीन पर आ गिरे और २ महायोद्धा वीर गति को प्राप्त हो गए !
भोकाल अश्वराज के मानव रूप को अपने गले से लगाकर फुट फुट कर रोने लगा ! गोजो की आखें भी पूरी तरह से नम थी !
भोकाल के पास महारावण को रोकने का और कोई चारा नहीं था पर मरते मरते भी महारावण ने अपना काम कर दिया उसकी सेना ने आधी
धरती को मानव रहित कर किया !
और इस युद्ध की बलि २ महायोद्धा भी चढ़ चुके थे ( अश्वराज , भीमकाय अडिग )
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हर युद्ध का अंजाम एक जैसा नहीं होता और इस बार महामानव ने यह साबित कर दिया !
उसके बनाये डार्क हीरो आज कहर बनकर बरसे !
भूतकाल में - अश्वराज , भीमकाय अडिग वीरगति को प्राप्त हो गए !
हर जगह सिर्फ विनास था और कुछ नहीं भोकाल एक जीत कर भी हार चूका था !
महारावण ने अपना काम कर दिया था जिसके लिए महामानव ने उसे दुबारा से जगाया था !
पर ऐसा क्या हुआ था महामानव के साथ उस अनजान ग्रह पर की आज पूरी दुनिया क्या पूरा यूनिवर्स उसके आगे नगमस्तक हो गया था !
नागद्वीप पर कालसर्पी मौत बनकर नागराज की और बढ़ रही थी और पर नागराज अभी इसके लिए तैयार नहीं था !
नागद्वीप के एक छोर पर एक धमाके के साथ एक काला घेरा बना और उससे नागरानी गजब की फुर्ती के साथ सामने आ गयी और उसने अपने
बालों से पकड़ कर चिरचिला को उसी घेरे में फेंक दिया जहाँ से नागरानी आयी थी और फिर !
नागरानी "अब तुम सेफ हो नागराज चिरचिला को मैंने यूनिवर्स के उस हिस्से में भेज दिया है जो अनंत है और वहां से वह कभी वापस नहीं आ सकता "
नागराज "पर तुम यहां आयी कैसे "
नागरानी "तुम्हारे बेटे नागेश की वजह से जो किसी भी timeline में आ जा सकता है उसे ने तुम्हे इस भारी संकट में देखा और फिर उसने ही मुझे सूचित किया "
नागरानी "पर नागराज यह है क्या "
नागराज "यह मेरा सबसे ताकतवर रूप है नागरानी डार्क नागराज जिसने गुरु गोरखनाथ , कालदूत और विसर्पी के साथ मेरी भी समस्त शक्तियॉं है !
नागरानी "पर अब तुम चिन्ता मत करो नागराज हम दोनों इसका मुकाबला करेंगे "
डार्क नागराज "तुम दोनों क्या पूरा नागद्वीप भी मेरे आगे कुछ नहीं है अब १ की जगह तुम दोनों के मौत होगी "
डार्क नागराज ने हमला करना स्टार्ट कर दिया पर इस बार नागराज के साथ साथ नागरानी भी जम कर मुकाबला कर रही थी !
पर फिर भी डार्क नागराज अभी भी भारी पड़ रहा था !
इसी बीच विसर्पी को होश आ गया जिस पर किसी का ध्यान नहीं गया !
डार्क नागराज "बहुत हुआ यह बिल्ली चूहे का खेल अब यह सब में यहीं समाप्त कर देता हूँ "
पर इससे पहले डार्क नागराज कुछ कर पाता विसर्पी ने नागदड़ चुपके से कालदूत नागराज और डार्क नागराज वाली विसर्पी के सिर पर बड़ी फुर्ती से टच कर दिया और तीनों सिर्फ गोरकनाथ को छोड़ कर बाकी सभी सिर शांत हो गए !
डार्क गोरकनाथ " दुस्ट नागिन यह तूने क्या किया इसका अंजाम बहुत बुरा होगा "
डार्क गोरकनाथ ने शिकांगी नेवले को एक अग्नि गोले में बदल दिया और उसका निशाना विसर्पी थी और अब उसको कोई नहीं बचा सकता था क्योकि किसी
भी सर्पमानव के पास इस शक्ति की काट नहीं थी !
लेकिन होनी को कुछ और मंजूर था बीच मैं उस डार्क गोरकनाथ के उस वॉर को नागरानी ने अपने ऊपर ले लिया और एक चीख के साथ वह जमीन पर गिर पड़ी !
नागराज ने अपना आपा खो दिया और उसने उछल कर डार्क गोरकनाथ की गर्दन पर काट खा किया और एक पल में ही डार्क गोरकनाथ मोम की तरह पिघल
गया !
और डार्क महामानव ज़मीन पर गिर पड़ा शायद यही उसका अंत था !
विसर्पी ने नागरानी को अपनी बाहों में भर लिया और फिर
विसर्पी "यह तुम्हने क्या किया नागरानी मेरे लिए अपनी जान जान दांव पर लगा दी "
नागरानी ने विसर्पी के सर पर हाथ फैरा और दम तोड़ दिया शायद विसर्पी उसका इशारा समज चुकी थी !
विसर्पी और नागराज दोनों की आँखे नम थी !
नागराज "महामानव मैं तेरा नामो निशान मिटा दूँगा "
इतने गुस्से में नागराज को पहले किसी ने कभी नहीं देखा था !
महामानव किसी गुप्त जगह पर
महामानव "मैंने अपने चारों और मानसिक अवरोध लगा रखे अब कोई मुझ तक नहीं पहुंच सकता और अगर पहुँच भी गया तो इस बार वह मुझ से बच नहीं सकता मैंने यूनिवर्स रक्षको को इतना मानसिक रूप से तोड़ दिया है की अब वह कभी जुड़ नहीं पाएंगे "
उदर ध्रुव अभी भी डार्क कमांडो फाॅर्स से पिट रहा था !
ध्रुव (ऐसे जो यह जल्दी ही मेरा राम राम सत्य कर देंगे मुझे कुछ सोचना होगा )
और फिर ध्रुव एक अंधेर कमरे की और भागा डार्क कमांडो फाॅर्स भी उसके पीछे पीछे भागी फिर ध्रुव उस कैमरे के नीचे लगी stairs के और लपका डार्क कमांडो फाॅर्स भी उसके पीछे लपकी और ध्रुव की चाल एक बार फिर सफल हो गयी वहाँ कुछ stairs टूटी हुयी थी ध्रुव को यह पता था वह उछल कर बच गया
पर तीनो डार्क कमांडो फाॅर्स के सिपाही नहीं बच पाए और वह तीनो एक दूसरे से बहुत कम दुरी पर थे सो एक भी उनमे से अपने आप को गिरने से ना बचा पाया और ध्रुव एक बार फिर बच निकला !
डार्क ध्रुव "लगता है मेरी डार्क कमांडो फाॅर्स ने उस डार्क रूम में ही ध्रुव की डार्क कब्र बना दी है तभी तक अभी कोई बहार नहीं निकला "
ध्रुव पीछे से " बहुत जल्दी जीत का अनुमान लगा लेते हो तुम "
डार्क ध्रुव "ओह्ह तो तू बच गया पर कोई बात नहीं जो मेरी काम मेरी कमांडो फाॅर्स नहीं कर पायी वह अब मैं पूरा करूँगा "
डार्क ध्रुव ने ध्रुव पर एक किक मारी पर ध्रुव ने उसकी टांग अपनी स्टार बेल्ट पर अटका दी और एक झटके के साथ उसे खिड़की की तरफ फैक लिया और वह
खिड़की तोड़ता हुआ नीचे गिर गया "
ध्रुव "इतनी हाइट से गिर कर तो इसकी २-४ हाड़ियाँ ज़रूर टूट जाएगी "
ध्रुव खिडकी की और गया चेक करने के लिए और फिर उसे एक मुँह पर किक पड़ी !
डार्क ध्रुव "मैं तुम्हारा ही रूप हूँ ध्रुव तुम्हारी यह बचकाने आईडिया मुझ पर काम नहीं करंगे "
ध्रुव सोचते हुए ( इस से ऐसे नहीं जीता जा सकता अब मुझे कुछ वही करना होगा जो मैंने सोचा था )
ध्रुव ने खिडकी से छलांग लगा दी और फिर अपनी बाइक स्टार्ट की और भागने लगा !
डार्क ध्रुव "तू मुझ से नहीं बच सकता "
डार्क ध्रुव ने भी वही किया जो ध्रुव ने किया उसने भी अपनी बाइक उठायी और ध्रुव का पीछा करने लगा !
राजनगर के सड़को पर ऐसा नज़ारा पहले किसी ने नहीं देखा था
डार्क ध्रुव, ध्रुव का का चेस उसी की स्टाइल में कर रहा था और उनका फासला कभी कम हो रहा था तो कभी बढ़ रहा था !
जल्दी ही वह दोनों शहर से बहार निकल आये और ध्रुव ने अपनी बाइक एक बहुत मोती हाई टेंशन वायर पर चढ़ा दी डार्क ध्रुव ने भी अपनी बाइक उसके पीछे
हाई टेंशन वायर पर चढ़ा दी और अब पीछा हाई टेंशन वायर पर हो रहा था और ऊंचाई ६०० फ़ीट थी क्योकि दोनों काल पहाड़ी पर पहुंच चुके थे !
ध्रुव ( इसके बाइकिंग स्किल बिकुल मेरे जैसे है पर जो मुझे याद है इसे नहीं क्योकि यह मेरा फ्यूचर है काम बन गया और अगर याद भी है तो यह एक दम उसका
अंदाज़ा नहीं लगा सकता )
ध्रुव ने अपनी गति और बड़ा दी और एक जगह पर जाकर अपनी बाइक से एक हाई टेंशन वायर से दूसरी हाई टेंशन वायर पर जम्प लगा दी !
पीछा कर रहा डार्क ध्रुव एक दम यह नहीं कर पाया और नीचे गिर गया क्योकि वहाँ वह वायर टूटी पड़ी थी बस जुगाड़ से जोड़ी हुयी थी !
और इतनी ऊंचाई से गिरने का मतलब था मौत ध्रुव एक बार फिर हारी हुयी बाज़ी जीत चूका था !
की तभी उसके वायरलेस पर एक मैसेज आया और "अरे यह क्या। ... "
ध्रुव जल्दी से वहां पहुँचा जहाँ उसे पहुंचने के लिए उस मैसेज में बोला गया था और वहां जाकर उसने जो देखा उस का दिल सहम गया !
Chandika और नताशा दोनों बुरी तरह घायल पड़ी थी !
और सामने वाली दीवार पर लिखा था " ध्रुव जानता हूँ की मैं अपने आप को कभी नहीं हरा सकता पर मैंने यह पहले ही कर दिया था ताकि अगर मैं
हार भी गया तो कोई गम नहीं क्योकि चोट हो मैं भी तुम्हारे दिल पर दूंगा " डार्क ध्रुव " "
ध्रुव चुप चाप था उसके सामने उसके दो सबसे प्यारे लोग घायल पडे थे !
महामानव " मैंने सबको इतने जख्म दे दिए है की उन्हें यह सालो तक नहीं भर सकते अब सिर्फ परमाणु बचा है उसका डार्क रूप मुझे बनाने के कोई
ज़रूरत नहीं उसे मौत देगा मेरा कालत्रिकुल
"
एंडिंग पार्ट --- कालत्रिकुल coming सून
महामानव का कहर अंतिम पड़ाव पर था !
महात्रिकुल का ऐसा रूप किसी ने शायद कभी नहीं सोचा था !
महामानव "अब तुम महात्रिकुल नहीं अब तुम हो डार्क कालत्रिकुल जिसमे अब काल की शक्ति भी है निगल जा सब कुछ अब महामानव
बनाएगा अपनी गैलेक्सी जहाँ सिर्फ होगी उसकी हुकूमत "
महामानव ने कालत्रिकुलको अपनी मानसिक शक्तियों से एक जीता जागता काल बना दिया था उसमे काल की शक्तियों भी आ चुकी थी !
अब वह एक ग्रह तक निगल सकता था !
अब उसका पहला हमला दिल्ली पर हुआ !
कालत्रिकुल ने दिल्ली को निगलना शुरू कर दिया !
की तभी एक घातक परमाणु किरण उससे जा टकरायी !
कालत्रिकुल टस से मस नहीं हुआ !
महामानव "हा हा परमाणु लगता है तुम्हारा दिमाग ख़राब हो गया है कालत्रिकुल किसी भी तरह की ऊर्जा को सोख सकता है तुम्हारे यह वॉर इसका कुछ नहीं कर सकते "
कालत्रिकुल last part
==============ending=====================
कौन है कालत्रिकुल अभी तक यह एक सवाल है पर अब नहीं !
पूर्वसार " महामानव और हरुवो के बीच एक भयानक युद्ध हुआ और आखिर जीत हरुवो की हुयी क्योकि उनकी संख्या महामानव से बहुत ज़्यादा थी और उन्होंने महामानव को ऐसे ग्रह पर भेज दिया जो हमारे यूनिवर्स का पार्ट नहीं था वह एक नया ही यूनिवर्स था जहाँ महामानव ने अपने आप को एक अजीब से
ग्रह पर पाया जहाँ का बदलता मौसम महामानव के लिए एक चुनौती बन गया पर एक दिन उसने अपनी इस चुनौती पर विजय प्राप्त कर ली और ना जाने उसके साथ क्या हुआ की महामानव की मानसिक शक्ति का स्तर चर्म सीमा तक तक जा पहुँचा और फिर वह पुरे यूनिवर्स के लिए एक महा चुनौती बन गया !
उसने नागद्वीप को तबाह कर दिया कालदूत को बुरी तरह घायल कर दिया गोरकनाथ (नागराज के गुरु ) भी उसके सामने नहीं टिक पाए !
यहां तक के उसने युगम को भी एक ब्लैकहोल में कैद कर लिया और युगम के सबसे शक्तिसाली मोहरे काल पर भी काबू पा लिया भूतकाल भी महामानव
के कहर से नहीं बच पाया और वर्तमान ने भी उसके कहर से नहीं बच पाया नागरानी अब नहीं रही , अदरक चाचा भी डार्क डोगा की गोली का शिकार
हो गए नताशा और चंडिका भी बुरी तरह थी ! "
अब आगे -
महामानव के दिमाग से एक अजीब का जीव निकल कर उसके सामने आ गया !
महामानव "आह मेरा दिमाग अब हल्का मसहूस कर रहा है "
जीव " वह इसलिए क्योकि मैंने अपने आप को तुम से अलग कर दिया है "
महामानव " तुम कौन हो और मेरे मानसिक अवरोध को तोड़ कर मेरे दिमाग में कैसे घुस आये "
जीव "तुम मुझे अक्रिया कह सकते हो महामानव और में एक पराजीव (parasite) हूँ जो किसी के भी दिमाग में रह सकता हूँ और मुझ पर किसी भी तरह की
किसी ऊर्जा का कोई असर नहीं होता ! और तुम जब उस अनजान ग्रह पर थे मैंने देखा की तुम वहाँ की विसम परिस्थिति में भी ज़िन्दा हो तो मैं समझ गया
की तुम कोई महाशक्ति जो गलती से मेरे ग्रह पर आ गयी है जहाँ मैं ३०० सालो से अकेला किसी होस्ट का इंतज़ार कर रहा था ! '
अक्रिया "मैं एक ऐसा पराजीव हूँ जो अगर किसी के दिमाग पर कब्ज़ा कर ले तो उसके दिमाग को बहुत तेज़ी से विकसित कर सकता हूँ
तुम्हारे दिमाग को पहले ही अपने आखरी पड़ाव पर था मैंने सिर्फ तुम्हारी कमज़ोरियों को दूर कर दिया और तुम्हारी मानसिक शक्ति में हरु शक्ति
को मिश्रित कर दिया क्योकि मुझे बनाने मैं हरु शक्ति का बहुत हाथ है और हरुवो ने सिर्फ तुम्हे उस ग्रह पर नहीं फेंका बल्कि तुम्हने भी कुछ
हरु जीवो को अपनी मानसिक शक्ति द्वारा मेरे ग्रह पर खीच लिया ! और मैंने पहले उनके दिमाग पर कब्ज़ा करके उनको डार्क हरु में बदल दिया
और फिर तुम्हे पर वह हरु ना क्या चाहते थे उन्होंने अपने आप को चार जीवित ग्रहों में बदल दिया जिसे तुम ने अपनी मानसिक ऊर्जा से ख़त्म कर दिया "
महामानव "पर अब तुम क्या चाहते हो "
अक्रिया "तुम्हारे दिमाग मैं हमेशा एक स्थान ताकि हम एक नए आयाम का निर्माण कर सके जहाँ। ... "
अभी अक्रिया ने अपनी बात पूरी भी नहीं की थी की महामानव ने उसे बीच में ही काट दिया !
महामानव "पर यह काम हम मेरे दिमाग में रह कर भी कर सकते थे मुझसे अलग होकर मुझे बताने की क्या ज़रूरत पड़ गयी "
अक्रिया " नहीं महामानव नहीं कर सकता था तुम ने अपनी शक्ति से भूतकाल और वर्तमान में तबाही मचा दी है और अगर मैं तुम्हारे दिमाग
से अलग होकर तुम्हे अपने बारे में ना बताता तो तुम पुरे यूनिवर्स को और पूरी समय धारा को तबाह कर देते ! और मैं एक पराजीव हूँ मेरी अपनी
कोई शक्ति नहीं है और तुम्हारा दिमाग मेरी ज़रूरत है एक नया यूनिवर्स बनाने के लिए और जब तक मैं तुम्हारे दिमाग मे हूँ तुम्हारी कोई कमज़ोरी नहीं
है और तुम्हारे पास मानसिक ऊर्जा के साथ साथ हरु ऊर्जा भी है "
महामानव " नया यूनिवर्स हा हा जहाँ सिर्फ मेरा राज़ होगा और अब यह काम पूरा करेगा युगम का सबसे ताकतवर मोहरा " काल " और इस यूनिवर्स में तीनो
काळ एक साथ होंगे यानि भूत , वर्तमान और भविष्य और उनपर राज़ करेगा महामानव और काल का नया रूप होगा कालत्रिकुल "
अक्रिया ने दोबारा से महामानव के दिमाग को होस्ट बना लिया और अब महामानव ने काल को कालत्रिकुल में बदल दिया था उसका यह रूप
आने वाली तबाही को सबसे बड़ा सूत्रधार बनने वाला था !
कालत्रिकुल ने भूतकाल और वर्तमान को एक करना शुरु कर दिया था !
नागराज मुंबई में था और उसने अपने कमरे की खड़की से जो देखा वह किसी को दिल दहला सकता था !
कालत्रिकुल भूतकाल और वर्तमान को मिक्स कर रहा था कहीं बिल्डिंग महल में कन्वर्ट हो रहे थे तो कहीं कुछ और भूतकाल की चीज़े वर्तमान में आ रही थी और ऐसा लग रहा था की शायद कालत्रिकुल तीनो समय धाराओ को एक करके वर्तमान में ला रहा हो !
मतलब कुछ ऐसा जहाँ वर्तमान , भूतकाल और भविष्य एक साथ हो !
नागराज "उफ़ यह क्या हो रहा है मुझे इस विशाल जीव को रोकना होगा! जगह जगह बड़े बड़े महल निकल आये है और आकाश में यह भविष्य के उड़ने वाले जहाज़ कहाँ से आ गए हो ना हो यह जीव इसके लिए उत्तरदायी है "
नागराज बिलकुल सही था यह कालत्रिकुल ही कर रहा था !
नागराज कालत्रिकुल के करीब गया और उसने कालत्रिकुल को काबू करने के लिए हज़ारों सर्प उस पर छोड़े जो मानो एक पल में गायब हो गए
कालत्रिकुल के पीछे से महामानव उड़ता हुआ सामने आ गया और फिर
महामानव " नागराज तुम्हारी यह बचकानी शक्तियों कालत्रिकुल का बाल बांका नहीं कर सकती "
महामानव को देख कर नागराज का मानो खून खोल गया हो उसे नागरानी की मौत का मंजर याद आ गया और उसने एक भीषण ज़हरीली फुँकार कालत्रिकुल
पर छोड़ दी पर कालत्रिकुल ने उसकी और ध्यान भी नहीं दिया और वह अपना काम करता रहा !
नागराज ने सभी तरह के सर्प हमले किये पर कालत्रिकुल का बाल भी बांका नहीं हुआ ! इस बार कालत्रिकुल ने वॉर किया और नागराज उसके घातक वॉर को बचा नहीं पाया और लगभग अचेत अवस्था में चला गया !
महामानव "खत्म कर दो इस नाग कीड़े को कालत्रिकुल "
कालत्रिकुल का निशाना नागराज था और उसके पास बचने का कोई रास्ता नहीं था कालत्रिकुल ने अगला वॉर किया पर वॉर नागराज पर लगने की जगह
पीछे वाली बिल्डिंग पर जा लगा और क्योकि नागराज को २ मजबूत हाथो ने आकाश की और खीच लिया था ! और वह हाथ स्टार हेलीकॉप्टर पर उड़ रहे
सुपर कमाण्डो ध्रुव के थे ! नागराज और ध्रुव अब दोनों स्टार हेलीकॉप्टर पर सवार थे !
नागराज "ध्रुव तुम "
ध्रुव "हाँ नागराज में "
नागराज "पर तुम यहाँ"
ध्रुव "हां नागराज ऐसा ही एक जीव राजनगर में में कहीं से उत्पन हो गया है "
फिर ध्रुव ने वही कहानी सुनाई जो नागराज कुछ देर पहले देख रहा था !
नागराज "पर तुम राजनगर की रक्षा करने की जगह यहां क्यों आ गए "
ध्रुव "क्योकि नागराज हर टीवी चैनल पर इस जैसे जीवो को लाइव दिखा रहे है जो दुनिया के हर कोने में निकल रहे है पर मैंने एक चीज़ नोटिस की की सबसे
पहले यह मुंबई वाला जीव हरकत करता है और तब बाकी ! और इसका इसका साइज भी सबसे बड़ा है मैं समझ गया की यही सभी जीवों को कण्ट्रोल कर रहा है "
महामानव "बहुत अच्छे लड़के पर अब तुम दोनों की कब्र मैं एक ही जगह बनवउँगा "
महामानव ने इसारे पर कालत्रिकुल ने ध्रुव और नागराज को निशाना बना कर हमला करना शुरू कर दिया पर ध्रुव स्टार हेलिकॉप्टर ऐसे हमलों से
बचने में महारथी था !
ध्रुव ( हम दोनों इसका मुकाबला अकेले नहीं कर सकते मुझे भरोषा है जल्दी मेरा मैसेज शक्ति और परमाणु तक पहुँच जायेगा )
ध्रुव का अंदाज़ा बहुत सही था जल्दी परमाणु और शक्ति की जोड़ी पहुँच चूकि थी और उन्होंने आते ही २ डायरेक्शन से हमला करना स्टार्ट कर दिया था !
महामानव "तुम्हारे यह हमले इसका कुछ नहीं बिगाड़ सकते मार डालो इन सब कीड़ों को कालत्रिकुल "
कालत्रिकुल का पूरा ध्यान अब सुपर हीरोस को मारने में लग गया था और दुनिया भर में निकले उसके रूप स्थिर हो चुके थे !
महामानव के मन से आर्किया की आवाज़ आयी " यह तुम क्या कर रहे हो इन कीड़ो को तुम कभी भी ख़त्म कर सकते हो तुम्हारा असली काम तो
एक यूनिवर्स बनाना है ऐसे हो हमारे बनाये सारे होस्ट जो दुनिया के हर कोने में है काम करना बंद कर देंगे "
महामानव "इनके होते होये हम कुछ नहीं कर सकते सो पहले इनको इनकी सह जगह पहुँचाना ज़रूरी है "
तभी एक इंसान गजब की फुर्ती के साथ कालत्रिकुल के मुँह तक जा पहुँचा और उसने कालत्रिकुल के मुँह के अंदर कुछ डाल दिया !
परमाणु "अरे यह तो डोगा है इसने क्या दाल दिया इस जीव के मुँह के अंदर ! डोगा क्या डाला तुम्हने इसके मुँह के अंदर "
डोगा " अपने गुस्से से बना बारुद एक मिनी परमाणु बम "
परमाणु "पर तुम परमाणु बम लाये कहाँ से "
डोगा " लाया नहीं चोरी किया है और इसको टिकाने लगाने के लिए इससे बड़ा जुगाड़ मुझे नहीं समझ में आया "
कालत्रिकुल के पेट में एक बहुत बड़ा धमका हुआ और उसके पेट फट गया और उसमे से निकले भोकाल , गोजो , योद्धा जीने शायद वह भूतकाल से
वर्त्तमान काल में ला रहा था !
कालत्रिकुल के पेट फिर से जुड़ गया !
और भोकाल , गोजो , योद्धा कुछ पल में समझ गए की असली दुश्मन कौन है और उन्होंने भी कालत्रिकुल पर हमला करना शुरू कर दिया !
ध्रुव ( ओह्ह यह तो भूतकाल के महायोद्धा है शायद यह जीव तीनो समय धाराओ को एक कर रहा है )
भोकाल " यह वही बोना है दोस्तों और हम शायद भविष्य में है खत्म कर दो इसको यही हमारे युग के विनास के लिए उत्तरदायी है "
"
महामानव "२ कालो के महायोद्धा एक साथ वाह्ह "
योद्धा भी भरपूर वॉर कर रहा था हर तरफ से हमला हो रहा था !
कालत्रिकुल भी बहुत घातक ऊर्जा वॉर कर रहा था मुंबई रणक्षेत्र बन गया था !
ध्रुव नागराज से " नागराज इतने सारे सुपर हीरोस के वारो से भी इस पर कोई असर नहीं हो रहा यह तो रुकने का नाम ही नहीं ले रहा "
नागराज "मुझे लगता है हुम्हे महामानव को रोकना होगा तभी शायद हम कुछ कर पाए "
ध्रुव "उष्मा महामानव की कमी थी पर अब वह भी उसकी कमी नहीं रही हम उसको रोके तो कैसे एक mintue कालत्रिकुल
महामानव के इसरो पर काम है और कालत्रिकुल के सभी रूप कालत्रिकुल के इसरो पर काम करते है यानिकी महामानव इसकी मैन
कड़ी है "
ध्रुव "ऊष्मा महामानव की हमेशा से एक कमी रही है यानिकि और अब महामानव की वह कमी भी दूर हो गयी है और उसकी मानसिक शक्तियो में किसी और जीव को विकसित करने की ताकत आ गयी है मुझे लग रहा है यह महामानव का कोई नया रूप जो किसी और की मदत से इतना शक्तिसाली हो गया है यह शायद महामानव भी किसी और के इसरो पर काम कर रहा है "
नागराज "हम्म्म फिर अब क्या किया जाये "
ध्रुव "और तेज़ हमला और अपना बचाव "
सभी हीरोज़ को नागराज ने इसरा किया और अब सब समझ चुके थे क्या करना है दोनों तरफ से हमले बहुत तेज़ हो गए इतने तेज़ की सिर्फ कानों में
धमको की आवाज़ सुनाई दे रही थी !
आर्किया महामानव से " तुम अपना मकसद भूल रहे हो महामानव इस तरह से यह युद्ध कब तक चलता रहेगा और अगर यह युद्ध रुक भी गया और तुम
जीत भी गए तो नया यूनिवर्स बनाने के लिए कुछ बचेगा ही नहीं
"
महामानव "महामानव किसी का हुक्म नहीं
सभी हीरोज़ को नागराज ने इसरा किया और अब सब समझ चुके थे क्या करना है दोनों तरफ से हमले बहुत तेज़ हो गए इतने तेज़ की सिर्फ कानों में
धमको की आवाज़ सुनाई दे रही थी !
आर्किया महामानव से " तुम अपना मकसद भूल रहे हो महामानव इस तरह से यह युद्ध कब तक चलता रहेगा और अगर यह युद्ध रुक भी गया और तुम
जीत भी गए तो नया यूनिवर्स बनाने के लिए कुछ बचेगा ही नहीं
"
महामानव "महामानव किसी का हुक्म नहीं मानता और तुम अब चुप रहा "
महामानव और आर्किया के बीच बहस ज़ारी थी और आखिर
आर्किया " महामानव मुझे अब तुम्हारे दिमाग की कोई ज़रूरत नहीं मैंने तुम्हारे दिमाग से ताकतवर दिमाग ढूंढ लिया है और वह है ध्रुव का जो तुम्हे कई
बार अकेले मात दे चूका है और अब में उसके दिमाग को अपना होस्ट बनाऊंगा और फिर उसका दिमाग कालत्रिकुल को कण्ट्रोल करेगा और फिर होगा मेरा
अपना यूनिवर्स आर्किया महामानव के दिमाग से निकल कर ध्रुव के दिमाग की और चल पड़ा "
और अभी वह ध्रुव आधे रास्ते में ही था की एक मानसिक उष्मा वॉर ने उसे हमेशा के लिए धूल में बदल दिया !
महामानव "जो मेरा नहीं वह किसी का नहीं "
पर महामानव गुस्से में यह भूल गया की वह आर्किया ही था जो उसके दिमाग में रह कर कालत्रिकुल को चला रहा था !
कालत्रिकुल अचेत होकर गिर पड़ा और फिर !
ध्रुव "यही सही मौका है महामानव को हराने का "
अब सबका निशाना कालत्रिकुल नहीं महामानव था और महामानव का निशाना सब
योद्धा ने ढ़क-कमान-घन का वॉर महामानव पर किया और महामानव उसके लिए तैयार नहीं था वॉर ज़ोरदार था उसका मानसिक कवच टूट गया और वह
हवा से ज़मीन पर आ गिरा !
योद्धा ने ढ़क-कमान-घन का एक और वॉर किया पर इस बार महामानव तैयार था उसने ढ़क-कमान-घन को मानसिक शक्ति से २ गति से महामानव की और मोड़ दिया और ढ़क-कमान-घन योद्धा के सिर से जा टकराई और वह ज़मीन पर गिर गया !
महामानव अब भी सब पर भारी पड़ रहा था ! उसकी मानसिक शक्तियों किसी को अपने आगे टिकने नहीं दे रही थी !
ध्रुव ( महामानव का यह रूप पहले से कुछ अलग है और पुराने रूप मैं इसने अपने आप को मानसिक ऊर्जा से भी नहीं ढक रखा था यानिकी इसको अपनी कमज़ोरियों से दुबारा डर लग रहा है )
नागराज "ध्रुव क्या सोच रहे हो "
ध्रुव ने लड़ते लड़ते या बोलो महामानव के मानसिक ऊर्जा के वॉर बचाते बचाते एक प्लान नागराज और डोगा को समझा दिया !
और प्लान के अनुसार नागराज ने कुछ सर्पों का गोला बनाया और डोगा ने उस गोले के अंदर एक बम डाल दिया और फिर डोगा ने वह गोला अपनी पूरी ताकत से महामानव की और लुढ़का दिया !
महामानव ने अपनी मानसिक शक्ति से उस गोले के अंदर छिपे बम को पढ़ लिया और एक मानसिक ऊर्जा के वॉर से उस गोले को हवा में उठा कर टुकड़ो में
बदल दिया !
पर यह क्या अगले पल धमका महामानव के पैरो के नीचे हुआ और वह अचेत होकर गिर पड़ा ! पर गिरते गिरते भी उसने अपने आपको मानसिक ऊर्जा
से कवर कर लिया ! ( प्लान के अनुसार नागराज, ध्रुव , डोगा ने २ हमले किये एक डोगा के गोला बना कर ज़मीन से दूसरा ज़मीन के नीचे नागराज ने ज़मीन खोद कर अपने जगमग सर्पों के साथ साथ कुछ बम वाले सर्प भी ठीक महामानव के नीचे इकठा कर दिए और फिर सभी बम वाले सर्प एक साथ फटे और एक
धमाके के साथ महामानव अचेत हो चूका था )
पर फिर भी !
महामानव "मुझ पर बहोशी छा रही है पर इस बार में ऐसे नहीं हार सकता मैंने एक पृत्वी से कई गुणा बड़े उल्का पिण्ड का रास्ता पृत्वी के और मोड़ दिया है
जो कुछ मिनटों में पृत्वी से आ टकराएगा और फिर.... "
यह बोलते ही महामानव अचेत हो गया !
और उल्का पिण्ड अब पृत्वी की और आने लगा बहुत तेज़ी से। .
परमाणु और शक्ति ने उसे रोकने की बहुत कोशिश की पर अब कुछ नहीं हो सकता था !
सभी की शक्तियों विफल हो चुकी थी !
उल्का पिण्ड बहुत करीब था !
और भोकाल कुछ सोच रहा था ( उफ़ अगर यह पृत्वी से आ टकराया तो सचमुच कुछ नहीं बचेगा क्या मुझे वह अस्त्र चलाना पड़ेगा )
और भोकाल ने और ना सोच कर Brahmashira अस्त्र चला दिया और उल्का के टुकड़े हो गए और फिर वह पृत्वी इतने छोटे थे की पृत्वी तक आते आते धूल में मिल गए !
सभी ने भोकाल का थैंक्स किया और आज एक भूतकाल के योद्धा ने वर्तमान को बचा लिया सब ठीक हो गया था ! भोकाल और उसके दोस्त अपने युग
में वापस चले गए !
महामानव वहाँ कहीं नहीं था पर अभी सबको इस बात के संतुस्ट थे की हमारा यूनिवर्स एक बार फिर बच चूका था !
कुछ दिन बाद !
सूरज अपनी gym में अदरक चाचा की फोटो देख रहा था के उसकी नज़र उनकी फोटो पर गयी और वह रोने लगा के तभी उसके कंधे पर एक
हाथ पड़ा और डोगा उस चेहरे को देखने लग गया !
नताशा ठीक थी पर चंडिका यानि श्वेता अभी भी हॉस्पिटल में थी जिसके सर पर अभी भी होश में नहीं थी !
ध्रुव ने उसके सर पर हाथ फैरा और फिर " मुझे मालूम है चंडिका तू ही है पर कभी कभी अपनो की ख़ुशी के लिए कुछ राज़ो को जानकार भी उन्हें ना जानने
का नाटक करना पड़ता है )
महामानव वहाँ कहीं नहीं था पर अभी सबको इस बात के संतुस्ट थे की हमारा यूनिवर्स एक बार फिर बच चूका था !
कुछ दिन बाद !
सूरज अपनी gym में अदरक चाचा की फोटो देख रहा था के उसकी नज़र उनकी फोटो पर गयी और वह रोने लगा के तभी उसके कंधे पर एक
हाथ पड़ा और डोगा उस चेहरे को देखने लग गया !
नताशा ठीक थी पर चंडिका यानि श्वेता अभी भी हॉस्पिटल में थी जिसके सर पर अभी भी होश में नहीं थी !
ध्रुव ने उसके सर पर हाथ फैरा और फिर " मुझे मालूम है चंडिका तू ही है पर कभी कभी अपनो की ख़ुशी के लिए कुछ राज़ो को जानकार भी उन्हें ना जानने
का नाटक करना पड़ता है )
नागराज मुंबई sea बीच पर अकेला खड़ा होकर आकाश की और देख रहा था शायद उसकी आंखें नागरानी को ढूंढ रही थी !
THE END ( मनीष चौहान )
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